Tuesday, September 10, 2013

को उन की कविता

कोरियाई कवि को उन  
की एक कविता… 










वह फूल : को उन  
(अनुवाद : मनोज पटेल) 

वह फूल 
जिसे मैं नहीं देख पाया था 
ऊपर चढ़ते समय, 
दिख गया मुझे 
नीचे उतरते हुए. 
:: :: ::  

7 comments:

  1. बहुत सुंदर !

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  2. जीवन यही है

    बढिया

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  3. क्या सुंदर और क्यों....Wah-वाह! और इसमें जीवन कैसे है? अरे! भाई मुझ नए पाठक को भी तो कोई बतलाये।

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