Wednesday, September 15, 2010

बम का दायरा : येहूदा आमिखाई

तीस सेंटीमीटर व्यास का बम
 सात मीटर की मारक क्षमता का दायरा बनाता था 
जिसमें चार मृत और ग्यारह घायल हुए |


 इसके चारो ओर 
 तकलीफ और वक्त के लिहाज से
 कदरन बड़ा दायरा बनता था
 जिसमें दो अस्त-व्यस्त अस्पताल
 और एक कब्रिस्तान शामिल हुए | 


लेकिन वह युवती
 जो सौ किलोमीटर दूर
 अपने शहर में दफनाई गई
 इस दायरे को काफी बड़ा कर दे रही थी |


 उसकी मौत पर
 समुन्दर पार किसी दूर देश के
 सुदूर तटों पर मातम मनाता 
वह अकेला आदमी
 इस दायरे में पूरी दुनिया को ले आता था |


 उन यतीमों के रुदन का जिक्र भी नहीं करूँगा
 जो भगवान् के सिंहासन और उसके भी परे पहुंचकर 
ऐसा दायरा बना रहा था
 जिसका 
न तो कोई अंत था
 और 
 न ही कोई भगवान् | 


(अनुवाद : Manoj Patel) 
Padhte Padhte

1 comment:

  1. संवेदना का असीम फ़लक

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