टॉमस ट्रांसट्रोमर की एक और कविता...

काले पोस्टकार्ड : टॉमस ट्रांसट्रोमर
(अनुवाद : मनोज पटेल)
1
व्यस्तता से भरा हुआ कैलेण्डर, भविष्य अज्ञात.
सन्देश गुनगुनाता हुआ एक बेवतन लोक गीत को.
सीसे की तरह स्थिर समुद्र पर गिरती हुई बर्फ. गोदी पर
कुश्ती लड़ती हुईं परछाईयाँ.
2
ऐसा होता है ज़िंदगी के बीच में कभी कि मौत आती है
इंसान के नाप लेने की खातिर. भुला दिया जाता है
यह आगमन और चलती रहती है ज़िंदगी.
मगर सूट सिल जाता है चुपचाप.
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तोमास त्रांसत्रोमर की कविताएँ
