माया एंजेलो की कुछ नसीहतें, विपिन चौधरी के सौजन्य से...
(अनुवाद : विपिन चौधरी)
लेखिका माया एंजेलो का सम्पूर्ण जीवन एक दस्तावेज है. जिसे माया ने सार्वजनिक किया है और इस तरह से वे पहले-पहल अश्वेत महिलाओं के लिए एक आदर्श की तरह उभरी और फिर संसार भर की महिलाओं में लोकप्रिय हुई, एक सजग महिला होने के नाते वे अपने आस- पास की महिलाओं की समस्याओं से अच्छी तरह से परिचित थी. महिलाओं के लिए लिखे गए उनके कूट वाक्य काफी सराहे जाते रहे हैं. स्त्रियों को समर्पित माया की इन मज़ेदार सलाहों की बानगी देखें.
१. एक औरत के पास अपने नियंत्रण में पर्याप्त पैसा होना चाहिये ताकि बाहर जाते वक्त या खुद के लिए एक जगह किराए पर लेकर वह रह सके, भले ही वह कभी यह सब करना नहीं चाहती हो या उसे कभी उसे इन सबकी जरूरत भी ना हो.
२. स्त्री के पास युवावास्था की वह रसदार सामग्री होनी चाहिये जिसे वह अपने पीछे छोड़ आई हो और जिसे वह अपने आने वाले बुढ़ापे में खूब आनंद के साथ सुना सके.
३. हर स्त्री के पास पेचकस का सैट , एक तार रहित ड्रिल, और एक काले फीते वाली ब्रा होनी चाहिए.
४. औरत के पास एक ऐसा दोस्त होना चाहिये जो हमेशा उसे हँसाता रहे और जो उसे रोने में मदद करता हो.
५. एक स्त्री के पास ऐसा बढ़िया फर्नीचर का पीस होना चाहिए जो उसके परिवार में किसी ने पहले नहीं ख़रीदा हो.
६. सभी औरतों के पास अपने भाग्य पर नियंत्रण की भावना होनी चाहिए.
७. एक औरत के पास आठ प्लेट का सेट,वाइन के लंबे पकड़ने वाले ग्लास, और भोजन के लिए शानदार नुस्खा होना चाहिए ताकि वह अपने मेहमानों के सामने अच्छे से पेश हो सके.
८. एक औरत को पता होना चाहिए कि कैसे एक नौकरी को छोड़ देना है, प्रेमी के साथ को कैसे तोड़ना है और दोस्ती को बिना बर्बाद किये हुए दोस्त का सामना किस प्रकार करना है.
९. हर औरत को पता होना चाहिए कि कब उसे कठिन प्रयास करते रहना है और कब उनसे दूर चला जाना है.
१०. स्त्री को जानकारी होनी चाहिए ...कि वह बछड़ों की लंबाई, अपने कूल्हों की चौड़ाई, या अपने माता पिता की प्रकृति को नहीं बदल सकती है.
११. हर औरत को समझना चाहिए ...कि उसका बचपन कुछ खास नहीं था पर अब क्या हो सकता हैं --बचपन तो अब खत्म हो चुका है.
१२. सभी स्त्रियों को पता होना चाहिए ... कि उसे अपने प्यार के लिये क्या करना चाहिए और इसके लिये वह क्या कर सकती है.
१३. एक औरत को पता होना चाहिए ...कि अकेले कैसे रहा जाए -- भले ही उसे अकेले रहना पसंद न हो.
१४. स्त्री को मालूम होना चाहिए ...कि वह किस पर भरोसा करे और किस पर नहीं और करे भी तो क्यों ? और इसे मसले को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए.
१५. स्त्री को पता होना चाहिए ...कि उसे कहाँ जाना चाहिए-- अपने पक्के दोस्त की रसोई- घर की मेज़ पर नहीं तो लकड़ी की आकर्षक सराय में चले जाना चाहिए जहाँ उसकी आत्मा को सूकुन महसूस हो सके.
१६. स्त्री को अपने जीवन के क्यों और क्यों नहीं के फंडे मालूम होने चाहिए और उन फंडों को दिन, महीने या एक साल में सिद्ध करके दिखाना चाहिए.
लेखिका माया एंजेलो का सम्पूर्ण जीवन एक दस्तावेज है. जिसे माया ने सार्वजनिक किया है और इस तरह से वे पहले-पहल अश्वेत महिलाओं के लिए एक आदर्श की तरह उभरी और फिर संसार भर की महिलाओं में लोकप्रिय हुई, एक सजग महिला होने के नाते वे अपने आस- पास की महिलाओं की समस्याओं से अच्छी तरह से परिचित थी. महिलाओं के लिए लिखे गए उनके कूट वाक्य काफी सराहे जाते रहे हैं. स्त्रियों को समर्पित माया की इन मज़ेदार सलाहों की बानगी देखें.
१. एक औरत के पास अपने नियंत्रण में पर्याप्त पैसा होना चाहिये ताकि बाहर जाते वक्त या खुद के लिए एक जगह किराए पर लेकर वह रह सके, भले ही वह कभी यह सब करना नहीं चाहती हो या उसे कभी उसे इन सबकी जरूरत भी ना हो.
२. स्त्री के पास युवावास्था की वह रसदार सामग्री होनी चाहिये जिसे वह अपने पीछे छोड़ आई हो और जिसे वह अपने आने वाले बुढ़ापे में खूब आनंद के साथ सुना सके.
३. हर स्त्री के पास पेचकस का सैट , एक तार रहित ड्रिल, और एक काले फीते वाली ब्रा होनी चाहिए.
४. औरत के पास एक ऐसा दोस्त होना चाहिये जो हमेशा उसे हँसाता रहे और जो उसे रोने में मदद करता हो.
५. एक स्त्री के पास ऐसा बढ़िया फर्नीचर का पीस होना चाहिए जो उसके परिवार में किसी ने पहले नहीं ख़रीदा हो.
६. सभी औरतों के पास अपने भाग्य पर नियंत्रण की भावना होनी चाहिए.
७. एक औरत के पास आठ प्लेट का सेट,वाइन के लंबे पकड़ने वाले ग्लास, और भोजन के लिए शानदार नुस्खा होना चाहिए ताकि वह अपने मेहमानों के सामने अच्छे से पेश हो सके.
८. एक औरत को पता होना चाहिए कि कैसे एक नौकरी को छोड़ देना है, प्रेमी के साथ को कैसे तोड़ना है और दोस्ती को बिना बर्बाद किये हुए दोस्त का सामना किस प्रकार करना है.
९. हर औरत को पता होना चाहिए कि कब उसे कठिन प्रयास करते रहना है और कब उनसे दूर चला जाना है.
१०. स्त्री को जानकारी होनी चाहिए ...कि वह बछड़ों की लंबाई, अपने कूल्हों की चौड़ाई, या अपने माता पिता की प्रकृति को नहीं बदल सकती है.
११. हर औरत को समझना चाहिए ...कि उसका बचपन कुछ खास नहीं था पर अब क्या हो सकता हैं --बचपन तो अब खत्म हो चुका है.
१२. सभी स्त्रियों को पता होना चाहिए ... कि उसे अपने प्यार के लिये क्या करना चाहिए और इसके लिये वह क्या कर सकती है.
१३. एक औरत को पता होना चाहिए ...कि अकेले कैसे रहा जाए -- भले ही उसे अकेले रहना पसंद न हो.
१४. स्त्री को मालूम होना चाहिए ...कि वह किस पर भरोसा करे और किस पर नहीं और करे भी तो क्यों ? और इसे मसले को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए.
१५. स्त्री को पता होना चाहिए ...कि उसे कहाँ जाना चाहिए-- अपने पक्के दोस्त की रसोई- घर की मेज़ पर नहीं तो लकड़ी की आकर्षक सराय में चले जाना चाहिए जहाँ उसकी आत्मा को सूकुन महसूस हो सके.
१६. स्त्री को अपने जीवन के क्यों और क्यों नहीं के फंडे मालूम होने चाहिए और उन फंडों को दिन, महीने या एक साल में सिद्ध करके दिखाना चाहिए.
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विपिन चौधरी के दो कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनसे vipin.choudhary7@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.
