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Friday, May 31, 2013

मोनिका मेस्टरहाज़ी की कविता

हंगरी की कवयित्री मोनिका मेस्टरहाज़ी की एक कविता... 

देश और काल : मोनिका मेस्टरहाज़ी  
(अनुवाद : मनोज पटेल) 
          एफ. ए. के प्रति 

उन्हें नहीं पता कैसे पढ़ी जाती हैं कविताएँ: 
वे पढ़ नहीं पाते जो लिखा होता है 
दो पंक्तियों के बीच. 
             :: :: :: 
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