एथलबर्ट मिलर की दो कविताएँ...
एथलबर्ट मिलर की दो कविताएँ
(अनुवाद : मनोज पटेल)
पहली बार
जब पहली बार
हमने प्यार किया
मैं जागता रहा
पूरी रात
तुम्हें
सोते देखते हुए
बगल के घर में
रहने वाला आदमी
खांसता रहा
रात भर
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पहली किरण
बिल्ली खोल देती है बेडरूम का दरवाजा
देखता हूँ तुम्हें अकेले सोते हुए
चादर में छुपा है तुम्हारा चेहरा
कुछ घंटे बाक़ी हैं अभी पहली किरण के फूटने में
मातृ दिवस है आज
निपटाने के लिए कुछ काम पड़ा है मेरी मेज पर
और भुगतान किए जाने के लिए कुछ बिल
रेमंड कार्वर को पढ़ रहा हूँ मैं
कैसे कविता को जन्म देता है एक इंसान ?
कितनी मुश्किल और कितनी उम्मीद से
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Manoj Patel Translations


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