Monday, May 28, 2012

एंतोनियो पोर्चिया की आवाजें

एंतोनियो पोर्चिया की कुछ और कविताएँ...  

 
आवाजें : एंतोनियो पोर्चिया 
(अनुवाद : मनोज पटेल) 

तुम उनसे बंधे हो और यह नहीं समझ पाते कि कैसे, 
क्योंकि वे तुमसे नहीं बंधे हैं. 
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वह सब कुछ जो मैं जानता हूँ, उसे जानने तक में मेरी कोई मदद नहीं करता. 
:: :: :: 

हर चीज थोड़ा सा अँधेरे की होती है, रोशनी भी. 
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कुछ चीजें अपने अस्तित्व के अभाव को मुझे दिखलाने के लिए, मेरी हो गईं. 
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सूरज रात को रोशन करता है, उसे रोशनी में नहीं बदल देता. 
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एक बड़े दिल को बहुत कम से भरा जा सकता है. 
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4 comments:

  1. गहरे अर्थ लिए आवाजें!

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  2. एक बड़े दिल को बहुत थोड़े से भरा जा सकता है..बहुत सुंदर !

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  3. एक बड़े दिल को बहुत कम से भरा जा सकता है ... कितनी गहरी बात ... यही महानता भी है उस बड़े दिल की .. गहरे भावों वाली छोटी पंक्तियां

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